पढ़ाई में मन लगाने का मंत्र – How to Concentrate on Studies ?

पढ़ाई करते टाइम फालतू के विचारों को दिमाग से बाहर निकालकर कैसे अपनी पढ़ाई में हंड्रेड परसेंट कंसंट्रेट करें ?  यह पूरा का पूरा पोस्ट  इसी टॉपिक पर है। और चाहे आप कोई सी भी पढ़ाई कर रहे हो। या कोई सा भी काम कर रहे हो। जहां पर आपको दिमाग लगाने की जरूरत है, उस हर जगह पर यह पोस्ट आपको कंसंट्रेट करवा कर छोड़ेगा। विदाउट (Without) वेस्टिंग योर टाइम शुरु करते करता है मेन टॉपिक पढाई में मन लगाने का मंत्र के बारे में । बस कंडीशन है,  किया कि इस पोस्ट को बहुत ही बारीकी से समझने की जरूरत है । इसमें ऐसी बहुत सारी बातें हैं, जिनको आप को बारीकी से समझना है। तो मेरी आपसे रिक्वेस्ट (Request) है , कि इस पोस्ट को बिच में न छोड़े । और मेरा एक एक वर्ड लास्ट तक सुनते रहे। लाइक, शेयर उतना जरुरी नहीं है। मेरे लिए बस आप अपने फायदे के लिए उसको लास्ट तक  पढाई करे।

padhai me man lagane ka mantra
padhai me man lagane ka mantra.

पढ़ाई में मन लगाने का मंत्र

तो बात करते हैं कंसंट्रेशन (Concentration) की । कंसंट्रेशन क्या होता है ? उसको एक ही चीज पर पूरी तरह से लगा पाने की क्वालिटी (Quality). यह अपने को प्राप्त करना है। ताकि हम पढ़ाई ठीक से कर सके। और  अपना काम ठीक से कर सके।

लेकिन कैसे ? जब भी आप कंसन्ट्रेट करना चाहते हो, तो आप एक चीज़ को दूर करना होगा। जो की है डिस्ट्रक्शन (Distraction ) ये कंसंट्रेशन का दुशरा भाई है। जब आप अपनी थॉट प्रोसेस (Thought प्रोसेस ) को अपने दिमाग से  निकाल दोगे, तो उस दिन से आप हंड्रेड परसेंट (1oo Percent) करने को तैयार हो जाओगे। इसलिए मैंने इस काम को करने के लिए और तरीके को समझाने के लिए दो हिस्सों में बांटा है।

फर्स्ट (First) अपने विचारों से सभी डिस्ट्रिक्ट को दूर करना। और सेकंड (Second) जब डिस्ट्रक्शन चले जाएं तो फिर कंसंट्रेशन पर कैसे ध्यान दें। और यह दोनों के दोनों पार्ट्स इसी पोस्ट के अंदर है। तो पहले भगाते हैं। जिस तरह से कम होता है कि एक ही चीज पर पूरा ध्यान लगाने की तो क्या मीनिंग होता है उसका ? कि ऐसी चीजें जो आकर  आपके काम से, पढ़ाई से आपका ध्यान भटका देती है। और यह डिस्ट्रक्शन  दो प्रकार के होते हैं।

एक है  एक्सटर्नल  (External ) डिस्ट्रक्शन जो की  बड़ा आसान है। लेकिन दूसरे तरीके  को कंट्रोल करने के लिए आपको थोड़ी सी समझदारी से काम लेना है और उसको बाल्टी है इंटरनल  (Internal ) डिस्ट्रक्शन। थोड़ी देर में मैं आपको बताऊंगा। तो पहले तरीके कण्ट्रोल करना बहुत आसान है। जब बात दूसरे तरीके की आती है,  लेकिन मजा आएगा इसमें। तो मान लो की आप पढ़ाई कर रहे हो, और  दूसरे रूम में टीवी चल रहा है। आपको डिस्टर्ब हो रहा है। तो आपने उठ कर गए और टीवी को  बंद कर दिया है। और आप का एक्सटर्नल डिस्ट्रक्शन वहीं पर खत्म हो गया है । मान लो आपके मोबाइल पर लगातार नोटिफिकेशन आ रहे है और आप डिस्ट्रक्ट हो रहे हो, और आप ने किया किया आपका  डाटा (Data) ऑफ कर दिया और आप का एक्सटर्नल डिस्ट्रक्शन को आपने बही पर ख़त्म कर दिया और ये बहत आसान तरीका था एक्सटर्नल डिस्ट्रक्शन को ख़त्म करना।

लेकिन जब बात आती है इंटरनल डिस्ट्रक्शन की ता होम थोड़ा समझदारी से काम लेना होगा। और ये डिस्ट्रक्शन बहत खतरनाक होती है बीमारी की तरह। ता मेरे बातो को ध्यान से पढ़ना और समझने की कोसिस करना । ये कुछ बेसिक बातें है पढ़ाई में मन लगाने का मंत्र।

मान लो की आप को किसीने धोका दिया है। या उस से मेरी लड़ाई हो गई , या उससे बात करने का मन करता है 5 घंटे, या आपको किसी ने डरा दिया, एग्जाम का डर लग रहा है, सपने पर सपने देखे जा रहे। बैठे बैठे पछतावा हो रहा है कि मैंने टाइम बर्बाद कर दिया। यानी कि आपके विचारों की सुनामी है। ये  है आपका इंटरनल डिस्ट्रक्शन। डिस्ट्रेक्शन है, इसलिए आपको अपना थॉट प्रोसेस से दूर करना होगा । और    वह चेंज करना पड़ेगा। वह कैसे करोगे ? इसके  लिए  आपके दोनों हाथ में ही आपका दो ऑप्शन है। दो ऑप्शन है आप के पास और डिसीजन (Decision) आपके हाथ में है। एक तो यह कि आप आपके साथ जो भी जिंदगी में या पास्ट (past) में जो कुछ भी हुआ । जो कुछ भी आपके साथ आज हो रहा है, जिसकी वजह से आपके विचार इधर उधर हो रहे हैं। या तो आप उसको लेकर के बैठे रहो क्योंकि पास्ट  तो ऐसी चीज है, जो केवल विचारों में एग्जिट(exit) करती है। नहीं होती  है जब हम पास्ट  में थे, तो वह हमारा उस टाइम का प्रजेंट(present ) था। और जिस फ्यूचर (Future) के बारे में हम ख्यालों में खोए रहते हैं। वह जब तक हमारे पास  में आएगा वह भी प्रजेंट में बदल चुका होगा। पढाई का तरीका।

अगर पास्ट फ्यूचर में आपको घूमते रहना है , तो आप कर सकते हो इस साल, अगले साल 5 ,साल 10 साल, पूरी जिंदगी भर आप दुनिया को बोलते रहो। दूसरों के बारे में सोचते रहो । आपकी मर्जी है। आप जहां हो ना आज, वही पर रह जाओगे। दूसरा ऑप्शन (option) है आपके पास जिसमें सॉल्यूशन (Solution) है।

ध्यान से सुनना उसको आपकी लाइफ में आज जो भी, जिस भी तरह का डिस्ट्रक्शन है, एक्चुअल  में कैसे आया आपके पास की एक्टिविटी (Activity) में। जो काम किए हो, आप का  जैसे लोगों के साथ उठना बैठना रहा है। आपके जो जो हुआ है, लास्ट में धीरे-धीरे उनका रिजल्ट आना शुरू हो गया। आपने किसी ना किसी टाइम कुछ वैसा करने का सोचा था फिर सोच काम में बदल गई। और काम होगा तो उसके प्रोडक्ट तो बनेंगे। रिजल्ट तो  आएगा आपके पास। आएगा तो आपको यह सोचना है आज आपका मन जिस भी वजह से भटक रहा है। या पढ़ाई में फोकस (Focus) नहीं कर पा रहे हो, वह सब आपकी लाइफ में जो कुछ भी आज तक हुआ उस के बेस (Base) पर ही आपके पास में आया है। इसलिए आज आप जो कर रहे हो उसके रिजल्ट के लिए कल आपको तैयार रहना पड़ेगा।

इस तरह जो आपके फ्यूचर का  डिस्ट्रेक्शंस है, वह कम हो गए क्योंकि आपकी थॉट बदल गई कि मुझे फालतू की चीजें नहीं सोचना। क्योंकि अगर मैं आज फालतू की चीजें सोच लूंगा तो इसका असर मेरे आने वाले कल पर पड़ेगा और जो भी आपकी लाइफ है , उसके बारे में आपको यह सोचना है कि, जो तो ध्यान भटक रहा है उसका रिस्पांसिबल (Responsible) मैं हूं। और जब मैं खुद रिस्पांसिबल हूं तो मैं खुद को माफ़ भी कर सकता हूं। क्योंकि आज तक जो भी हुआ वह तो भाई में नहीं बदल सकता। आज तक मान लो की मेरे  मार्क्स कम आये। मैं फेल हो गया। पापा ने मुझे डांटा। उसने मेरे साथ चीट (cheat) किया। उसको तो मैं बदल नहीं सकता। तो  उसके बारे में सोचने का कोई फायदा नहीं है। मुझे उसके बारे में सोचना भी नहीं है। एक बात yad rakhna  की  Forgive Yourself for all your Mistakes.

और  बही मिस्टेक जो आज आपके डिस्ट्रेक्शंस है ना ? वह एक के ऊपर एक करके एक के ऊपर एक एक के ऊपर एक काफी लंबे टाइम से इकट्ठे  होते जा रहे हैं। तो अब उसको और ज्यादा बढ़ने से रोकना है। और आपको अपने मन को निश्चय कर लेना है कि अब मैं अच्छा काम करूंगा। अपने काम से काम रखना है । मेरे सभी इंटरनल डिस्ट्रक्शन को  मैं कंट्रोल कर सकता हूं।

इस तरह से आपको अपने मन को समझाना है। और जब आप dil से   ऐसा करोगे ऐसा सोचोगे तो आपकी जो इंटरनल डिस्ट्रक्शन  ऑटोमेटिक कम हो जाएंगे। और जब हम use कम कर लेते हैं उसके बाद में batana  कि भाई अब कंसंट्रेट कैसे करें। जब  आपके डिस्ट्रक्शन कम हो जाएंगे तो आज  मैं जो काम करने जा रहा हूं वह परिणाम स्वरुप मेरे पास वापस जरूर आएगा । तो कुछ भी हो जाए अब मैं अपना फोन नहीं लगाऊंगा अपने मन idhar udhar नहीं लगाऊंगा। जब कभी आपकी लाइफ में कोई डिस्ट्रक्शन होना होगा या उसके होने की संभावना हो तो उसको ब्लॉक (Block) कर दो ये सबसे शानदार तरीका है और  पढाई में मन लगाने का मंत्र भी है । उसको हटा दो ।उसको इतना बडा मत होने दो कि वो कल को आपका ध्यान भटका है।

कई बार आपको ऐसा लगता होगा की कोई असर नहीं पड़ने वाला वही चीज किसी चीज का ध्यान भटकाने के लिए वह आपको भी नहीं पता। आपको उस की लत लग जाती है। और किसी भी चीज की बहुत गंदी बात है। मेहनत करने की हमेशा एक चीज याद रखो जब भी आपको जरूरत हो या जब भी आपका ध्यान भटक रहा है  कि आपको फालतू की चीजों के बारे में सोच के फालतू की टेंशन ले या फालतू  ख्याली पुलाव बना कर क्या फायदा है।

रियल में नहीं हो सकती यार। उस दिन ऐसा नहीं हुआ कि किया होता काश मैंने ऐसा नहीं किया होता। उसमें क्या कर सकते हो पास में जा कर सकते हो नहीं कर सकते 2 मिनट कुछ ऐसी बातें आपको आपको हमेशा अपने आप को याद दिलाना है। मैं पढ़ सकता हूं , और ऐसा फालतू काम और फालतू के विचारों से बाहर निकलना जरूरी है । मेरे लिए फोकस करना बहुत जरूरी। केवल पढाई  पर ही ध्यान देना है। मैं केवल प्रजेंट को बदलकर के बदल सकता हूं। मैं आज से ही मेरा ध्यान भटकाने वाली चीजों को खुद से दूर कर दूंगा। मैं आज से ही अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार hona मुझे चाहिए । ये सब बातें पढ़ाई में मन लगाने का मंत्र के सम्भदित है ।

उसके लिए मुझे अपने नकारात्मक विचारों से बाहर निकलना बहुत जरूरी है। में  पढ़ सकता हूं । बहुत अच्छी पढ़ाई कर सकता हूं। बहुत अच्छा काम  सा कर सकता हूं। और अब मैं करके दिखाऊंगा। डिस्ट्रक्शन को  आपको को हटाना पड़ेगा और bah आप  कर सकते हो। उस कम करने के लिए आपको अपने आप को पास्ट फ्यूचर के विचारों से आजाद करना पड़ेगा आपको समझना पड़ेगा कि क्यों आपका वर्तमान में ना रहना आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है ।और ऐसा सोच कर के उसके बाद में आप को आपको अपने डिस्ट्रिक्ट हर एक तरफ से उनको एक के बाद एक कंट्रोल करके आप पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ अपना काम शुरू करना है। और पढ़ाई करनी है। आप जरूर फोकस कर पाओगे ।

आई होप आपको  ये पोस्ट पढाई में मन लगाने का मंत्र अच्छी लगी होगी।  थैंक यू सो मच पोस्ट को padhne के लिए ।

 

 

 

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