आत्मनिर्भर भारत पर निबंध – Atmanirbhar Bharat Per Nibandh

नमस्ते दोस्तों मेने इस पोस्ट में आत्मनिर्भर भारत पर निबंध कैसे लिखना है उसके बारे में पूरा जानकारी दी है। एग्जाम में किस प्रकार से हैडिंग बनानी चाहिए और पुरे अंक कैसे प्राप्त करना है उसके लिए आपको पोस्ट को लास्ट तक पढ़ना होगा ।

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध में कौन कौन से हैडिंग लिखनी है इन सभी के बारे में मेने इस पोस्ट में पुरे जानकारी दिया है और डिटेल्स में लिखा है । आत्मनिर्भर भारत पर निबंध में हिंदी भाषा   के संबधित  महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में जानकारी दिया है । पोस्ट को लास्ट तक पढ़िए और आत्मनिर्भर भारत पर निबंध कैसे लिखे उसको समझिये । असा करता हूँ की आप लोगो को काफी अच्छा लगेगा।

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध - Atmanirbhar Bharat Per Nibandh
आत्मनिर्भर भारत पर निबंध – Atmanirbhar Bharat Per Nibandh
रुपरेखा 

  • प्रस्तावना 
  • आत्मनिर्भर भारत का अर्थ क्या हैं 
  • आत्मनिर्भर भारत बनने के लिए क्या – क्या करना चाहिए 
  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना क्या हैं ?
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या हैं 
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य
  • आत्मनिर्भर भारत में चुनौतियां
  • आत्मनिर्भर भारत की संभावनाएं
  • उपसंहार 

प्रस्तावना 

भारत की संस्ककृति बहुरंगी हैं। यहां पर सभी धर्मो के लोग निवास करते हैं और विभिन्न भाषाएँ एवं संस्कृति के दर्शन होता हैं। भारत देश की एक बहुत अहम बात है कि यहां पर बिभिन्न जाति के लोग रहते हैं, इनके रीती – रिवाज़ , खान- पान, पहनावा अलग अलग हैं । लेकिन सभी धर्मो के लोग एक राष्ट्र के संबिधान में आस्था रखते हैं।

भारत कि सभ्यता हज़ारों वर्ष पुरानी हैं। यहां पर ऋषि – मुनियों, योगियों, महापुरुषों, विरो, शहीदों के जन्म से यह धरती और भी पावन हो गयी हैं। भारत लोकतांत्रिक देश हैं यहां कि जनता को अपने मतानुसार नेता को चुनने का हक हैं। भारत में यह सारे गुण उपस्थित हैं, लेकिन वर्तमान समय में ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं जिसमे भारत काफी पीछे चल रहा हैं। भारत को जिन वस्तुओं कि कमी हो रही हैं इस कमी कि पूर्ति के लिए भारत दूसरे देशों से आयात करता हैं और अपने देश के लिए आवश्यक सामान ज्यादा से ज्यादा दाम पर भी खरीदता है, इस वजह से भारत का धन अत्यधिक मात्रा में खर्च हो रहा हैं।

हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने कि जरुरत हैं। इसके लिए हमें सबसे पहले दूसरे देशों पर निर्भर रहने का कार्य बंद करना होगा। और अपने देश में हर संभव प्रयास करके जिन चीजों कि कमी हो रही है, उसे पूरा करना होगा। इस प्रकार से हम भारत को आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत का अर्थ क्या हैं 

भारत दूसरे देशों से आए सामान का आयात न करें। सभी वस्तुओं का उत्पादन अपने देश में करें और बाहरी देशों के साथ निर्यात करें। भारत सभी क्षेत्र में प्रथम स्थान पर हो चाहे वह कोई भी वस्तु हो।

आत्मनिर्भर भारत बनने के लिए क्या – क्या करना चाहिए 

भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान देना होगा।

1. भारत में सभी वर्ग के लोगों को नौकरी के समान अवसर दिए जाएं 

भारत में सभी जाति वर्ग के लोगों के लिए नौकरी में समान अवसर दिए जाने चाहिए ताकि जो लोग प्रतिभाशाली हैं, उन्हें नौकरी मिल जाए। अगर नौकरी के क्षेत्र में ब्योक्तियों को एक समान अवसर नहीं दिए जायेंगे तो इससे लोगों में ऊंच – नीच, जाति – पाती कि भावना का उदय होगा इसलिए सरकार को जिस भी क्षेत्र में नौकरी के पद निकलने हैं उन्हें सबसे पहले सभी वर्ग के लोगों को समान अवसर देना चाहिए।

2.महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में समान पद की ब्यवस्था होनी चाहिए 

हम सभी लोग जानते हैं कि किसी भी क्षेत्र में नौकरी निकलता हैं उनमे कुछ मात्रा में बलिकाओं के लिए पद होते हैं। इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए कि नौकरी की जितनी जरुरत पुरुषों को हैं उतनी ही महिलाओं को भी होती हैं। इसलिए नौकरी में महिलाओं के लिए भी समान पद की ब्यवस्था होनी चाहिए।

3 . भारत में खादयान्न का उत्पादन ज्यादा मात्रा में होना चाहिए 

भारत में खादयान्न का उत्पादन 2020 – 2021 में अनाज उत्पादन को 63.5 लाख टन से बढ़ाकर के 29.83 करोड़ टन अनाज उत्पादन को निर्धारित किया गया हैं। भारत बहुत सभी चीजों का आयात करता हैं जैसे – कच्चा तेल, पेट्रालियम, सोना, मोती, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कीमती पथर, औद्यागिक मशीनरी , तेल , इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स, चिकित्सा उपकरण आदि। अगर हम बात करें कि भारत निर्यात करता हैं तो बिद्युत मशीन, रत्न एवं आभूषण, सिले हुए वस्त्र, कंप्यूटर सहित मशीनरी, लोहा, इस्पात, आदि को निर्यात करता हैं। 

भारत अपनी जरुरत का लगभग 17% कच्चा तेल को पैदा करता हैं। बाकि का 83% तेल आयात किया जाता हैं। अत : हमें भारत को सक्षम बनाने के लिए आयात को काम कर के निर्यात को बढ़ाना चाहिए।

4 . सड़क पर घूमते जानवरों के रहने लिए स्थाई जगह दी जाए 

सड़क पर अनगिनत जानवर घूमते हैं न कोई उन्हें खाना देता हैं न कोई पानी। यह जानवर भूखे प्यासे , इधर – उधर भटकते रहते हैं और फिर यह जानवर भूख की वजह से सड़क पर जो कुछ भी मिलता हैं वह खा लेते हैं, चाहे वह कूड़ा हो या प्लास्टिक सभी कुछ खा जाते हैं। हमारी सरकार को इन जानवरों के लिए हर राज्य में एक स्थाई जगह का निर्माण करना चाहिए। जहां पर इन जानवरों को रखा जा सके और सेवा की जा सके। साथ ही साथ इन जानवरों के खान – पान का ध्यान बहुत अच्छे से भी रखा जाए। आखिर यह जानवर हमारी प्रकृति का अनमोल हिस्सा हैं।

5 . गरीब परिवार के बच्चों के लिए न: शुल्क कोचिंग की व्य्व्वस्था की जाए

हमारे समाज में ऐसे बहुत से बच्चे हैं जो अपनी पढाई करने के लिए कभी कोचिंग नहीं जा पाते। इसका एक सबसे बड़ा कारन हैं कि वह गरीब होते हैं । गरीब होने के वजह से इन बच्चों के पास इतना रूपया नहीं होते कि यह किसी अच्छी कोचिंग में जाकर अपनी पढाई कर सकें। आजकल पीसीएस, टीचिंग के क्षेत्र , बैंकिंग के क्षेत्र एवं अन्य कोई क्षेत्र की अच्छी पढाई करने के लिए कोचिंग संस्थाओं की फीस बहुत ज्यादा होती हैं। ऐसे में बहुत से गरीब बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पाती हैं। अगर इस समस्या का समाधान करना हैं तो सरकार को नि: शुल्क भी उच्च स्तर की पढ़ाई कर सकें और अपने लक्षय तक पहुँच सकें।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना क्या हैं ?

हमारे देश में उस्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुवात की गई है। उत्तर प्रदेश की 71 वें स्थापना दिवस पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत आईएस, पीसीएस, एनडीएस, सीडीएम, नीट, जेई, परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए सभी वर्ग के छात्र एवं छात्रिओं को निशुल्क कोचिंग दी जाएंगी। इस योजना का कार्यान्वयन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने किया हैं।

इस कोचिंग में बच्चों को पढ़ने की सुरुवात बसंत पंचमी 16 फरवरी से प्रारम्भ हो जाएगी। इस निशुल्क कोचिंग से सभी बच्चे पढ़ेंगे और अपने लक्षय तक पहुँच सकेंगे। इस प्रकार से हमारे देश में एक कदम और आत्मनिर्भर भारत की और बढ़ चूका हैं।

आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या हैं 

प्रधानमंत्री मोदी जी ने 12 मई 2020 को इस अभियान की सुरुवात की हैं। इस अभियान क तहत 130 करोड़ लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा। इसके साथ ही हम कोरोना वायरस से लड़ने में सक्षम हो जायेंगे। कोरोना वायरस की वजह से देश में लोखड़ौन जैसी स्थिति को सभी को सामना करना पड़ा और इस कारण देश के प्रत्येक ब्योक्ति की आर्थिक स्थिति ख़राब हो गयी हैं। चाहे मजदुर हो या किसान सभी लोगों को कोरोना वायरस ने प्रभावित किया हैं। प्रधानमंत्री योगी जी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए राहत पैकेज को घोषणा की हैं। यह हमारे देश की जीडीपी का 10% हैं ।

आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य : ” समृद्ध और संपंन भारत का निर्माण करना ।”

आत्मनिर्भर भारत में चुनौतियां

आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए हमें बहुत सी चुनौतियां का सामना करना पड़ेगा जो कि निम्नलिखित हैं –

  1. भारत में सभी व्योक्तियों को रोजगार उपलब्ध करना एक बड़ी चुनैती हैं।
  2. गरीब व्योक्तियों के लिए कम दामों में भोजन उपलब्ध कराना ।
  3. गरीबों को आर्थिक स्तर पर सरकार मदद करें।
  4. बेटियों कि शादी करने से पहले उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं।
  5. किसानो कि फसलों को सरकार ज्यादा दामों में खरीदें।
  6. लड़कियों को शिक्षा के लिए स्कॉलर्शिप दिए जाए ।

आत्मनिर्भर भारत की संभावनाएं

भारत के आत्मनिर्भर बनने की संभावनाएं बहुत अधिक हैं, क्यूंकि पिछले कोई वर्षो की बात करें तो हमारे भारत में वर्तमान स्थिति में बहुत सुधार हुआ हैं। इसका अबसे बड़ा कारण सरकार एवं समाज के लोग हैं। भारत में एक क्षेत्र में नहीं बल्कि हर क्षेत्र में विकाश हो रहा हैं जैसे : – उद्द्योग, खाद्य्न, शिक्षा में सुधार, बेरज़गारी में सुधार, कृषि के क्षेत्र में सुधार, गरीव ब्योक्ति के लिए आवास की ब्याबस्था एवं अन्य कोई क्षेत्र में सुधार हो रहा हैं। 

उपसंहार 

हम कह सकते हैं कि हमारे भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत प्रयास किये जा रहे हैं । यह हम सभी के लिए एक चुनौती हैं परन्तु हम सब मिलकर के प्रयास करेंगे और अपने भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे।

” हम सब ने  मिलकर यह ठाना हैं अपने भारत को आत्मनिर्भर बनाना हैं ।”

 

 

 

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